ज्योतिष
मांगलिक दोष: भ्रम और सच्चाई
मांगलिक दोष क्या है
जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह लग्न (कभी-कभी चंद्रमा) से पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में हो, तो उसे मांगलिक दोष कहा जाता है।
विवाह में महत्व
परंपरा में विवाह से पहले दोनों कुंडलियों में मंगल की स्थिति मिलाई जाती है। अगर दोनों की कुंडली में मंगल दोष हो, तो इसे संतुलित माना जाता है।
ध्यान रखने की बातें
- सिर्फ़ मंगल की स्थिति देखकर निर्णय न लें
- मंगल की राशि, दृष्टि और अन्य ग्रहों का प्रभाव भी देखा जाता है
- कई स्थितियों में दोष का परिहार (समाधान) भी माना जाता है
इसलिए डरने के बजाय पूरी कुंडली अनुभवी पंडित जी को दिखाएँ।